Ye Baat Koi Samjhaye Re Lyrics- Sandhya Mukherjee, Sazaa

Title : ये बात कोई समझाये रे
Movie/Album: सज़ा (1951)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: राजिंदर कृष्ण
Performed By: संध्या मुखर्जी

ये बात कोई समझाये रे
क्यूं आज नज़र शरमाये रे

मैंने दिल से कहा, क्या बात है
कहा दिल ने, मिलन की रात है
काहे घूंघट में, मुखड़ा छुपाये रे
क्यूं आज नज़र शरमाये…

मेरा मनवा, मनाये रंगरलियाँ
पास आ गयी हैं साजन की गलियाँ
मेरी चुनरी हवा में लहराई रे
क्यूं आज नज़र शरमाये…

ओ देखो-देखो बजी शहनाईयाँ
मोहे आने लगी अंगड़ाईयाँ
मेरी पतली क़मर बलखाई रे
क्यूं आज नज़र शरमाये…

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