Footpathon Ke Hum Lyrics-Suresh Wadkar, Anup Jalota, Hariharan, Shailendra Singh, Mashaal

Title – फुटपाथों के हम Lyrics
Movie/Album- मशाल -1984
Music By- हृदयनाथ मंगेशकर
Lyrics- जावेद अख्तर
Singer(s)- अनूप जलोटा, हरिहरन, सुरेश वाडकर, शैलेंद्र सिंह

फुटपाथों के हम रहने वाले
रातों ने पाला हम वो उजाले
आकाश सर पे पैरों तले
है दूर तक ये ज़मीं
और तो अपना कोई नहीं
फूटपाथों के हम…

कोई नहीं ना सही, हम क्यूँ आँसू बहाएँ
दुनिया जले तो जले, हम तुम मस्ती मे गाएँ
गम से निकल, भूल के चल, क्या होगा कल
अपना वही, इस पल मे जो है यहीं
और तो अपना कोई नहीं…

माँ नहीं बाप नहीं, जैसे जीयें पाप नहीं
ना कोई घर ना कोई दर, है पास क्या जिसका हो डर
ना मंज़िल है, ना साहिल है, हम हैं दिल है
ये दिल हमें, ले जाए चाहे कहीं
और तो अपना कोई नहीं…

हो बचपन में खेले गम से, निर्धन घरों के बेटे
फूलों की सेज नहीं, काँटों पे हम हैं लेटे
भूखे रहें, सौ गम सहें, दिल ये कहे
रोटी जहाँ, है स्वर्ग अपना वहीं
और तो अपना कोई नहीं…

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