Title~ कभी हँसना है कभी
Movie/Album~ दिल है तुम्हारा 2002
Music~ नदीम-श्रवण
Lyrics~ समीर
Singer(s)~ तौसीफ अख्तर, सारिका कपूर

तौसीफ अख्तर
कभी हँसना है, कभी रोना है
जीवन सुख-दुःख का संगम है
कभी पतझड़ है, कभी सावन है
ये आता-जाता मौसम है
कभी हँसना है…

कुछ जीने की मजबूरी है
कुछ इस दुनिया की रस्में हैं
कुछ दिन है खोने-पाने के
कुछ वादें हैं, कुछ कसमें हैं
एक बेचैनी-सी हरदम है
जीवन सुख-दुःख का…

कोई सोता है आँचल के तले
कोई दिल ममता को तरसता है
कहीं मायूसी की धूप खिली
कहीं प्यार ही प्यार बरसता है
कभी दर्द है तो, कभी मरहम है
जीवन सुख-दुख का…

गुज़रे हुए लम्हों की यादें
हर वक्त हमें तड़पाती हैं
एक साया बन के आती हैं
एक साया बन के जाती हैं
एक तन्हाई का आलम है
जीवन सुख-दुःख का…

सारिका कपूर
बेताबी का, ख़ामोशी का
इक अनजाना-सा नगमा है
महसूस इसे कर के देखो
हर साँस यहाँ एक सदमा है
इसको जितना समझो कम है
जीवन सुख-दुःख का संगम है
कभी पतझड़ है, कभी सावन है
ये आता-जाता मौसम है
कभी हँसना है, कभी रोना है
जीवन सुख-दुःख का संगम है

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